जयपुर में 300 साल से ज्यादा पुरानी तीज की शाही सवारी की परंपरा आज भी कायम है और इस बार 15 और 16 अगस्त को तीज माता की सवारी शाही अंदाज में निकाली जाएगी। तीज को हरियाली, प्रेम और भगवान शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है, जबकि तीज की शाही सवारी जयपुर राजघराने की परंपरा और राजस्थान की लोक संस्कृति की खास पहचान है। तीज माता सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में स्थित रावले में विराजमान रहती हैं और वहीं पूजा-अर्चना के बाद पूर्व राजपरिवार के सदस्य पारंपरिक पोशाक में त्रिपोलिया गेट पर माता की आरती उतारते हैं। इसके बाद शाम 5:35 बजे ऐतिहासिक त्रिपोलिया गेट से शाही सवारी रवाना होगी, जो शहर के पारंपरिक मार्गों से होते हुए तालकटोरा झील पहुंचेगी। सवारी में सजे-धजे हाथी, ऊंट, बैलगाड़ियां, रथ, पालकियां और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां जयपुर की समृद्ध संस्कृति और विरासत की झलक दिखाएंगी। तीज और गणगौर की सवारी में भी खास अंतर है। तीज माता की पालकी पर सावन की बारिश को देखते हुए छतरी लगाई जाती है, जबकि गणगौर की पालकी चारों तरफ से खुली रहती है। तीज माता की मूर्ति दूधिया रंग की और लहरिया वस्त्रों में होती है, जबकि गणगौर माता की मूर्ति गेहुंआ और गुलाबी रंग की होती है और उन्हें चुनरी पहनाई जाती है। तीज की सवारी को पर्व की शुरुआत और गणगौर की सवारी को उत्सव के समापन से जोड़ा जाता है। शाही सवारी के दौरान राजस्थानी लोक कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य-संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। पर्यटकों के लिए त्रिपोलिया गेट के सामने बरामदों की छत पर बैठने की व्यवस्था होगी, जहां वे जयपुर के प्रसिद्ध घेवर का स्वाद भी ले सकेंगे। वहीं तालकटोरा झील के सामने पौंड्रिक उद्यान में क्राफ्ट और फूड बाजार भी लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय कला, संस्कृति और खान-पान को बढ़ावा मिलेगा।
तीज की शाही सवारी क्यों है इतनी खास?
संक्षेप में
जयपुर में 300 साल से ज्यादा पुरानी तीज की शाही सवारी की परंपरा आज भी कायम है और इस बार 15 और 16 अगस्त को तीज माता की सवारी शाही अंदाज में निकाली जाएगी। तीज को हरियाली, प्रेम और भगवान शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है, जबकि तीज की शाही सवारी जयपुर राजघराने की परंपरा और राजस्थान की लोक संस्कृति की खास पहचान है।
मुख्य बातें
- जयपुर में 300 साल पुरानी तीज की शाही सवारी की परंपरा है।
- इस बार सवारी 15 और 16 अगस्त को शाम 5:35 बजे निकलेगी।
- सवारी त्रिपोलिया गेट से तालकटोरा झील तक जाएगी।
जयपुर संभाग

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवारी कहां से निकलेगी?
त्रिपोलिया गेट से।
तीज की सवारी कितनी पुरानी है?
300 साल से ज्यादा।