असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरबेस पर सुबह लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का विमान क्रैश होने के दौरान पायलट समेत 5 जवानों की जान चली गयी इनमें स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल थे। हादस उस समय का है जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था।हादसे के तुरंत बाद एयरबेस की आपातकालीन और फायरफाइटिंग टीमें मौके पर पहुंच गईं. हालांकि बचाव अभियान शुरू होते ही सह-पायलट को जीवित निकाल लिया गया, लेकिन विमान में सवार पांच अन्य वायुसेना कर्मियों को बचाया नहीं जा सका. हादसे के बाद उसमें आग लग गई और वह दो हिस्से में टूट गया , यह AN-32 मालवाहक विमान था जिसका उपयोग सैनिकों और सामान की ढुलाई के लिए किया जाता है। हादसे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने आदेश दे दिए हैं। भारतीय वायु सेना के पास लगभग 100 एंटोनोव AN-32 टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट विमानों का बेड़ा है। हालांकि IAF ने शुरू में सोवियत मूल के ऐसे 125 प्लेन खरीदे थे, लेकिन अब एक्टिव-ड्यूटी प्लेन की संख्या लगभग 100 रह गई है। AN-32 ने 1980 से IAF की मीडियम-लिफ्ट ट्रांसपोर्ट क्षमताओं की रीढ़ के तौर पर काम किया है। गर्म मौसम और हिमालय जैसे ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान इसकी मजबूती के कारण इसे काफी अहम माना जाता है। असम में इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सुखोई के क्रैश हादसे में गुरुग्राम के स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ शहीद हो गए। अनुज मूल रूप से रोहतक के ककराना के रहने वाले थे। बताया जा रहा है की कुछ समय पहले ही अनुज की शादी तय हो गई थी। उनकी मंगेतर भी पायलट थीं, दोनों परिवार शादी की तैयारियों में लगे हुए थे।
