वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और मेवाड़ की गौरवशाली विरासत को सहेजने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट योजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस परियोजना को लेकर महाराणा प्रताप से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। लंबे समय से फाइलों में अटकी यह योजना अब धरातल पर उतरने की तैयारी में है। राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पूरी तरह तैयार कर ली है और वित्तीय मंजूरी भी मिल चुकी है। कुल मिलाकर यह परियोजना 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से शुरू की जाएगी, जबकि भविष्य में इसे 200 करोड़ रुपये तक विस्तारित करने की योजना है। योजना के तहत दिवेर, चावंड और हल्दीघाटी जैसे प्रमुख स्थलों पर जमीन आवंटन का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। अब गुरुवार को होने वाली अहम बैठक में इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है, जिसके बाद कार्य शुरू होने की संभावना है... इस टूरिस्ट सर्किट का मुख्य उद्देश्य महाराणा प्रताप के जीवन, उनके संघर्ष और मेवाड़ के शौर्य इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से विश्व पटल पर प्रस्तुत करना है। परियोजना के तहत सात प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प होगा जिनमें कुंभलगढ़, गोगुंदा, दिवेर, हल्दीघाटी, चित्तौड़गढ़, चावंड और उदयपुर शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर लाइट एंड साउंड शो, म्यूजियम, वॉटर प्रोजेक्शन, आर्ट गैलरी और होलोग्राफिक डिस्प्ले जैसी सुविधाएं विकसित करने की उम्मीद है... कुंभलगढ़ में टॉय ट्रेन और जंगल ट्रेल जैसी नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, वहीं हल्दीघाटी में युद्ध इतिहास को होलोग्राफिक तकनीक से दिखाने की योजना बनाई जा रही है। चित्तौड़गढ़ में वीर गाथा दीवार और वंशावली गैलरी विकसित की जाएगी।
गोगुंदा और चावंड को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां प्रताप की प्रतिमा और मेमोरियल बनाए जाने की तयारी है उदयपुर में राजपूत इतिहास और बाल संग्रहालय को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वही उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी पहले ही बता चुकी हैं कि जरूरत पड़ने पर इस योजना पर हजार करोड़ रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में यह परियोजना आगे बढ़ाने की पूरी तयारी हो चुकी है। गुरुवार की बैठक को इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद इसका काम तेजी से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
