उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही सफर का अनुभव और भी खास होने वाला है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत झीलों की नगरी को 10 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है। इन आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बसों का संचालन मुख्य रूप से शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को एक ही टिकट में पूरे दिन लेकसिटी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करने की सुविधा मिलेगी। बसों का निचला हिस्सा पूरी तरह वातानुकूलित (एसी) होगा, जबकि ऊपरी डेक को ओपन व्यू और पर्यटन अनुभव को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा, ताकि यात्री झीलों, महलों, हैरिटेज इमारतों और शहर की खूबसूरती का शानदार नज़ारा सफर के दौरान ही ले सकें। इन बसों के रूट एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से भी जोड़े जाएंगे, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी राज्य सरकार ने जयपुर, जोधपुर और उदयपुर को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए चुना है और इसे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि उदयपुर के लिए ई-बसों की पहली खेप जून के अंतिम सप्ताह तक आने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन सप्लाई और तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई है। अब जुलाई में बसों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि डीजल बसों की तुलना में प्रदूषण कम होगा, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और शहर के प्रमुख पर्यटन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना उदयपुर में स्मार्ट, स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाली मानी जा रही है...
