भीषण गर्मी के बीच भीलवाड़ा के पंचमुखी शमशान में स्थित प्राचीन मसानिया भेरुनाथ मंदिर में नौतपा के चलते पंच धुना अग्नि तप किया जा रहा  है। मंदिर पुजारी रवि कुमार सोलंकी द्वारा किए जा रहे इस विशेष अग्नि तप का उद्देश्य देश में सुख-शांति, किसानों की अच्छी फसल, जगत कल्याण और मानसून में अच्छी बारिश की कामना करना है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नौतपा के दौरान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से उसकी किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी और तपन काफी बढ़ जाती है। इसी तपन को कम करने और जीव-जंतुओं व मानव जीवन को राहत दिलाने के लिए पांच दिशाओं में जलाए गए धूनों के बीच बैठकर साधना और ध्यान किया जा रहा हैं। मंदिर परिसर में चल रहे इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने और आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ भी पहुंच रही है।श्री प्राचीन मसानिया भेरुनाथ मंदिर के पुजारी रवि कुमार सोलंकी ने कहा कि पंचमुखी मोक्ष धाम में स्थित प्राचीन मसानिया भेरुनाथ मंदिर में नाटापा की शुरुआत के साथ 9 दिन अग्नि तप किया जा रहा है यह अग्नि तक किया जाता है भारत में सुख शांति किसानों को अच्छी फसल जगत कल्याण और आने वाले समय में मानसून में अच्छी बारिश के साथ गर्मी की तपन को कम करने की कामना को लेकर पांच धुना अग्नितप किया जा रहा है। पांच धुना अग्नितप के तहत कंडो से पांच दिशाओं में तब लगाया जाता है। और उसमें अग्नि प्रचलित करके उसके बीच में संत महात्मा बैठ कर ध्यान करते हैं। नौतपा के दौरान सूर्य की रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद करने सीधी धरती पर पड़ती है जिसकी वजह से सूर्य देव की तपन अत्यधिक तेज हो जाती है। सूर्य के इस तपन को कम करने के लिए संत महात्मा पुरुष अग्नि तप करते हैं। ताकि जीव जंतु मनुष्य को राहत मिल सके। वहीं दूसरी तरफ श्रद्धालु गौरव ने कहा कि श्री प्राचीन मसान भेरुनाथ मंदिर में पांच धुना अग्नितप हो रहा है आमतौर पर हमने सुना था कि साधु महात्मा अग्नि के बीच ध्यान करके तप करते हैं लेकिन आज हम यह अपने आंखों के सामने देख रहे हैं एक तरह से यह एक अद्भुत नजारा है जिसके हम दर्शन कर रहे हैं।