जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुरुवार सुबह 4 बजे अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो गया है.. जानकारी के अनुसार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की औपचारिक शुरुआत कराई। 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के बीच श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुए। इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचकर हिम शिवलिंग के दर्शन करेंगे। पहले जत्थे में केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया, जिन्होंने पहले से पंजीकरण कराया, RFID कार्ड बनवाया और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की थी। प्रशासन के मुताबिक बिना वैध पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा में प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा।
वही आपको बता दे इस वर्ष अब तक अमरनाथ यात्रा के लिए करीब 4 लाख श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा, परिवहन, ठहरने, बिजली-पानी, हेल्प डेस्क और आपातकालीन सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली हैं। यात्रा शुरू होने से पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वयं बेस कैंप पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल सुविधाओं और अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया था। वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा में भी श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। 1 जुलाई तक बद्रीनाथ धाम में 14.5 लाख और केदारनाथ धाम में 13.75 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर प्रशासन भी सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम यात्रा कर सकें।

