मानसून की अचानक तेज बारिश में जेब में रखे स्मार्टफोन के भीगने का खतरा हमेशा बना रहता है। अगर फोन वाटरप्रूफ न हो, तो चंद सेकंड में पानी अंदर जा सकता है। नया फोन खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले यह जानना जरूरी है कि वह पानी और धूल से कितनी सुरक्षा देता है, जिसकी जानकारी उसकी IP रेटिंग से मिलती है।
ऐसे पता करें फोन की IP रेटिंग
ज्यादातर स्मार्टफोन पूरी तरह वाटरप्रूफ नहीं होते, बल्कि वे एक तय सीमा तक ही पानी और धूल झेल सकते हैं। फोन की इस क्षमता को जांचने के लिए सबसे पहले उसका सही मॉडल नंबर पता होना चाहिए। इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर 'About Phone' या 'About Device' विकल्प पर जाएं, जहां मॉडल की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
मॉडल नंबर मिलने के बाद Google पर फोन का नाम और 'IP Rating' लिखकर सर्च किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, Google Pixel 8 या iPhone के मॉडल के साथ 'Water Resistance' लिखकर उसकी आधिकारिक सुरक्षा क्षमता की जांच की जा सकती है। इसके अलावा फोन के डिब्बे या यूजर मैनुअल में भी यह जानकारी मिल जाती है।
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट सबसे भरोसेमंद
इंटरनेट पर अलग-अलग स्रोतों पर मिली जानकारी में अंतर हो सकता है, इसलिए सबसे सटीक डेटा के लिए सीधे निर्माता कंपनी की वेबसाइट पर जाना बेहतर होता है। Samsung, Apple और Google जैसी कंपनियां अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फोन के स्पेसिफिकेशन में पानी और धूल से सुरक्षा का पूरा ब्योरा देती हैं।
बारिश के दौरान फोन की सुरक्षा के उपाय
IP67, IP68 और IP69 रेटिंग वाले स्मार्टफोन पानी और धूल से सबसे मजबूत सुरक्षा देते हैं। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि फोन को जानबूझकर पानी में डुबोकर टेस्ट किया जाए। समय के साथ फोन की वॉटर-रेसिस्टेंट सील कमजोर हो सकती है, और फोन गिरने या डैमेज होने पर सुरक्षा का स्तर और घट जाता है। बारिश के समय हमेशा वॉटरप्रूफ कवर का इस्तेमाल करें। अगर चार्जिंग पोर्ट में पानी चला गया है, तो फोन को तुरंत चार्ज पर लगाने से बचें और पोर्ट को पूरी तरह सूखने दें।
