स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, विज्ञान और रोजगार के मोर्चे पर सहयोग बढ़ाने पर मुहर लगी। स्विस राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
राजधानी पहुंचने पर राष्ट्रपति पारमेलिन ने पत्नी कैरोलिन पारमेलिन के साथ राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
TEPA समझौते और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा
द्विपक्षीय बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान भारत-EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) के तहत हुए वादों को जमीन पर उतारने पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्रपति पारमेलिन ने कहा- "भारत में यह दौरा TEPA समझौते की पहली सालगिरह का अवसर भी है। दोनों देशों को अब तक की सफलताओं के दायरे से आगे बढ़कर भविष्य की संयुक्त रणनीतिक दिशा तय करनी होगी।"
यह व्यापार समझौता भारत और EFTA के चार सदस्य देशों—स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे—के बीच हुआ है। 10 मार्च 2024 को साइन हुआ यह एग्रीमेंट 1 अक्टूबर 2025 से प्रभाव में आया है।
व्यापार से लेकर वर्कफोर्स मोबिलिटी तक विस्तार
स्विस राष्ट्रपति की इस यात्रा का मुख्य केंद्र व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खोलना है। दोनों पक्ष टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और वर्कफोर्स मोबिलिटी के क्षेत्र में साझेदारी को ठोस रूप देने पर काम कर रहे हैं।
राष्ट्रपति पारमेलिन 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले दूसरे 'India-EFTA Prosperity Summit' में हिस्सा लेंगे। इससे पहले वह फरवरी 2026 में AI Impact Summit में शामिल होने के लिए भारत आ चुके हैं, लेकिन बतौर राष्ट्राध्यक्ष यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है।
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