राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के करोड़ों गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। राठौड़ ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार ने इन दुकानों की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए डीलरों के मार्जिन में वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 1 अप्रैल 2026 से सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों का मार्जिन 90 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए प्रति क्विंटल तथा विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 180 रुपए से बढ़ाकर 195 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री ने सदन को यह जानकारी दी।
सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार केवल मार्जिन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उचित मूल्य की दुकानों को बहुउद्देशीय एवं आर्थिक रूप से सक्षम केंद्र बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत बैंकिंग सेवाएं, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सेवाएं, छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तथा अन्य सामान्य स्टोर की वस्तुओं की बिक्री जैसे अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इसके अंतर्गत डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, ई-कॉमर्स, खुदरा प्रबंधन और बुनियादी पोषण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राजस्थान सहित नौ राज्यों में लगभग 325 उचित मूल्य दुकान डीलरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। राठौड़ ने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य है कि गरीबों को खाद्यान्न की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ राशन डीलरों को भी सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका का अवसर मिले। उचित मूल्य की दुकानों को आधुनिक और बहुउद्देशीय केंद्रों के रूप में विकसित करने से ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जन-केंद्रित बन रही है। राजस्थान में भी इन योजनाओं का लाभ उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों और आम नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है।
