दीपावली के मद्देनजर मिलावटखोरी पर लगाम कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिलेभर में औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं। कलेक्टर के निर्देशों के बाद शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक करीब 200 खाद्य प्रतिष्ठानों और मिठाई की दुकानों की जांच की जा चुकी है।
त्योहारी सीजन में बाजार में आने वाली खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अमले द्वारा दुकानों पर बिक रही मिठाइयों, मावे और अन्य खाद्य उत्पादों के नमूने परखने के साथ-साथ कारोबारियों के वैधानिक दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
200 से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
खाद्य विभाग की टीमों ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मिष्ठान भंडारों और किराना दुकानों का रुख किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान उपभोक्ताओं को मिलावटमुक्त और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों के खाद्य लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की वैधता भी जांची जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों के कागजात अधूरे मिले हैं, उन्हें नियमानुसार सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
फूड ऑफिसर गोपेश मिश्रा ने बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर के आदेश पर यह विशेष निगरानी बढ़ाई गई है।
गोपेश मिश्रा ने कहा- "जिलेभर में मिठाई की दुकानों सहित सभी प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभी तक लगभग 200 दुकानों की जांच हो चुकी है और दीपावली तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।"
विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट या अमानक स्तर की पुष्टि होती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
