चांदामेटा में दशहरा के दिन हुए धार्मिक कार्यक्रम के विवाद और कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि पर दर्ज मुकदमे के बाद छिंदवाड़ा की राजनीति गरमा गई है। विधायक के समर्थन में कांग्रेस ने परासिया में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पार्टी के पांच विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान अमरवाड़ा विधानसभा प्रभारी विनोद यदुवंशी भी मौजूद रहे।
पार्टी नेताओं ने परासिया में रैली निकालकर स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जताई और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस ने परासिया एसडीएम शुभम कुमार यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और विवाद के दौरान हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ भी तत्काल FIR दर्ज किए जाने की मांग उठाई है।
राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप
परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने प्रशासनिक रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दशहरा पर्व पर चांदामेटा में पारंपरिक धार्मिक आयोजन चल रहा था। उनके मुताबिक, कुछ बीजेपी नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद एसडीएम शुभम कुमार यादव ने कार्यक्रम बीच में ही रुकवा दिया।
विधायक ने कहा कि इस घटनाक्रम के दौरान हंगामा करने वालों पर शिकंजा कसने के बजाय राजनीतिक दबाव के चलते उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मामले को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर हरेंद्र नारायण और पुलिस अधीक्षक अजय पांडे से मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया था।
जिला मुख्यालय पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
परासिया में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर निष्पक्ष और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध के दायरे को बढ़ाया जाएगा। विधायक सोहन वाल्मीकि ने कहा कि फिलहाल यह प्रदर्शन परासिया विधानसभा क्षेत्र तक सीमित है, लेकिन सुनवाई न होने की स्थिति में छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस घटना के बाद से जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदम और कांग्रेस की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
