जंतर-मंतर पहुंचे रविंद्र सिंह भाटी और निर्मल चौधरी, NEET आंदोलन में छात्रों का बढ़ाया हौसला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन को अब राजस्थान के दो प्रमुख युवा चेहरों का समर्थन भी मिल गया है। बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। हाल ही में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए दोनों नेताओं ने सरकार से संवाद और जवाबदेही की मांग की। मंच से संबोधित करते हुए निर्मल चौधरी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि देश का युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहा है, इसलिए उसकी आवाज दबाने के बजाय सुनी जानी चाहिए। वहीं रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि सरकार को छात्रों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उनका कहना था की जो सख्त होता है, वह अक्सर टूट जाता है और जो नरम होता है, वह रास्ता निकाल लेता है।" भाटी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देते हुए कहा कि जब तक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक शिक्षा प्रणाली में वास्तविक बदलाव संभव नहीं होगा। उन्होंने सरकारी शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया। इस बीच जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर का रूप ले चुका है, जिसे विभिन्न राज्यों के छात्रों और कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। राजस्थान में भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में जयपुर समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिससे आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
