राजस्थान में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर सरकार का बड़ा फोकस:
प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भजनलाल सरकार ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं के लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम लागू कर दिया है। अब प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला की जिम्मेदारी एक समर्पित एएनएम को सौंपी जाएगी, जो हर तीन दिन में घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी मेडिकल कॉलेजों, सीएमएचओ और अस्पताल अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि चिकित्सकीय लापरवाही से किसी भी गर्भवती महिला या मरीज की मौत नहीं होनी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार ने सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नजदीकी अस्पतालों से पहले ही डिजिटल मैपिंग करने, अस्पतालों से ओटी, आईसीयू और लेबर रूम की दैनिक रिपोर्ट लेने तथा रिक्त सर्जन पदों को जल्द भरने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रसूताओं की मौत के कारणों की समीक्षा के लिए मातृ मृत्यु ऑडिट कमेटी गठित की गई है और 15 जुलाई से राज्यभर में पांच दिवसीय विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें एएनएम, सीएचओ और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की जांच कर हाई रिस्क मामलों की पहचान कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य समय पर उपचार, बेहतर निगरानी और प्रभावी रेफरल व्यवस्था के जरिए मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है।
