इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला हर शख्स किसी भी जानकारी के लिए सबसे पहले गूगल का रुख करता है। हम में से ज्यादातर लोग सर्च इंजन और यूट्यूब का इस्तेमाल पूरी तरह मुफ्त में करते हैं। ऐसे में मन में यह सवाल आना लाजमी है कि आखिर गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया क्या है। पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक के वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, गूगल की सालाना कमाई 402.83 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी हर दिन औसतन 6,700 करोड़ रुपये की कमाई करती है।
विज्ञापनों से होती है सबसे बड़ी कमाई
गूगल की कुल कमाई का लगभग 80 फीसदी हिस्सा विज्ञापनों यानी एडवरटाइजमेंट से आता है। इसमें सर्च इंजन पर दिखने वाले स्पॉन्सर्ड लिंक और यूट्यूब वीडियो के बीच आने वाले विज्ञापन शामिल हैं। इसके अलावा गूगल एडसेंस के जरिए कंपनी अन्य मोबाइल ऐप्स और वेबसाइटों पर भी विज्ञापन दिखाने की सुविधा देती है। विज्ञापनों के इस पूरे तंत्र को चलाने के लिए कंपनी एल्गोरिथ्म बेस्ड सिस्टम और एडवर्टाइजर्स के बीच बोली प्रक्रिया का इस्तेमाल करती है, जिससे कंपनियों को उनके टारगेट यूजर मिलते हैं और गूगल को भारी-भरकम रेवेन्यू मिलता है।
क्लाउड सर्विसेज और वर्कप्लेस का योगदान
विज्ञापन के अलावा गूगल की आय का एक बड़ा हिस्सा क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस टूल्स से आता है। गूगल वर्कप्लेस का इस्तेमाल दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अपने डेटा को सुरक्षित रखने और संचालन के लिए करती हैं। इस प्लेटफॉर्म के तहत गूगल शीट्स, गूगल मीट, गूगल चैट और गूगल स्लाइड्स जैसी सर्विसेज दी जाती हैं। इसके साथ ही गूगल क्लाउड स्टोरेज और सर्वर सर्विसेज के जरिए कॉर्पोरेट सेक्टर से बड़ी कमाई हासिल करता है।
हार्डवेयर और प्ले स्टोर का कारोबार
पिछले कुछ वर्षों में गूगल ने हार्डवेयर बाजार में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। कंपनी के पिक्सल स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, ईयरबड्स और अन्य स्मार्ट डिवाइस बाजार में बिकते हैं, जिससे उसे सीधा मुनाफा होता है। इसके अलावा एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल होता है। प्ले स्टोर पर बिकने वाले ऐप्स, गेम्स और इन-ऐप खरीदारी पर भी गूगल अपना कमीशन और सर्विस चार्ज वसूलता है, जो उसकी कुल आय में अहम योगदान देता है।
