छिंदवाड़ा के हर्रई सिविल अस्पताल के सामने बरसों से दुकानें चला रहे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोगी कल्याण समिति की ओर से दुकानें खाली करने के निर्देश मिलने के बाद दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि अचानक आए इस फरमान से उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ है और उनके परिवारों के भरण-पोषण पर तलवार लटक गई है।
नीलामी प्रक्रिया और भूमि स्वामित्व पर सवाल
कलेक्ट्रेट में सौंपे गए ज्ञापन में दुकानदारों ने सिविल अस्पताल की रोगी कल्याण समिति द्वारा जारी नीलामी सूचना की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। व्यापारियों का तर्क है कि जिस जमीन पर ये दुकानें संचालित हो रही हैं, वह रोगी कल्याण समिति के स्वामित्व या आधिपत्य के दायरे में नहीं आती है।
समिति के पास इस जमीन के अधिकार न होने के बावजूद नीलामी की प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर दुकानदारों ने आपत्ति जताई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रशासन इस पूरी भूमि के मालिकाना हक और नीलामी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराए। जांच पूरी होने तक नीलामी की किसी भी कार्रवाई को आगे न बढ़ाया जाए।
नगर पंचायत में जमा कराई गई थी राशि
व्यापारियों ने पुरानी प्रक्रिया का हवाला देते हुए बताया कि कुछ समय पहले नगर पंचायत में गोमटी लगाने के नाम पर उनसे एक-एक लाख रुपये की राशि जमा कराई गई थी। हालांकि, इसके करीब दो महीने बाद वह रकम वापस लौटा दी गई थी।
अचानक से अब दुकानें हटाने का फरमान जारी होने से दुकानदारों में भारी नाराजगी और असमंजस की स्थिति है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इन दुकानों के जरिए अपनी आजीविका चला रहे हैं और प्रशासन को कोई भी कदम उठाने से पहले उनकी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने उठाई व्यापारियों के समर्थन में आवाज़
इस मामले में राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस पर्यवेक्षक प्रशांत शर्मा और स्थानीय व्यापारी आकाश गुप्ता ने प्रशासन की इस कार्रवाई को अनुचित बताया है।
व्यापारियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी आजीविका को ध्यान में रखते हुए अस्पताल के सामने की दुकानों को हटाने के आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था या न्याय दिया जाए।
