इंदौर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। शहर में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश प्रभारी बिप्लव कुमार देव और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने भी पदयात्रा में हिस्सा लिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोकतंत्र और व्यवस्था को बनाए रखने पर जोर दिया।
अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं: सीएम यादव
पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंदौर में उमड़ा यह जनसमूह पूरे देश को स्पष्ट संदेश दे रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अव्यवस्था और अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इंदौर का यह जनसैलाब लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति लोगों की जागरूकता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कांग्रेस अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए लगातार भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रदेश की जागरूक जनता अब इस तरह की राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।"
विरोध का अधिकार, पर जनजीवन बाधित करना स्वीकार्य नहीं
कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों पर बात करते हुए सीएम यादव ने कहा कि संविधान सभी को विरोध और असहमति का अधिकार देता है, लेकिन इसकी आड़ में आम जनजीवन को बाधित करना और सामाजिक व्यवस्था बिगाड़ना कतई स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।
इस आयोजन के जरिए पार्टी ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है, जिसमें प्रशासनिक अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
