प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के तहत द्विपक्षीय बैठक हुई। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची की यह पहली भारत यात्रा है। राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद दोनों नेताओं ने निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक के दौरान भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक के चलते दोनों देशों के बीच अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम कर भारतीय रुपये और जापानी येन में सीधे व्यापार की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव लागू होने के बाद दोनों देशों की कंपनियां स्थानीय मुद्राओं में सीधे लेनदेन कर सकेंगी, जिससे विदेशी मुद्रा विनिमय की लागत कम होगी, भुगतान तेज होगा और व्यापार करना अधिक आसान बनेगा। दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी सहमति जताई। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और जापान के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ है, जबकि जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया है। वहीं अगले 10 वर्षों में 61 अरब डॉलर से अधिक निवेश का लक्ष्य तय किया गया है। दोनों नेताओं के बीच मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, क्वाड सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और उद्योग जगत के साथ निवेश बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिससे भारत-जापान संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

