अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर की मौत के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव कर दिए हैं और पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जाँच की जा रही है। घटना के तीसरे दिन जेल अधीक्षक के निर्देशन में हाई सिक्योरिटी जेल में बंद 91 हार्डकोर कैदियों के ब्लॉक, सेल और उनकी आपसी गतिविधियों का आकलन किया गया। समीक्षा के बाद कई बंदियों के ब्लॉक और सेल बदल दिए गए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। वहीं हत्या के आरोपी विष्णु सिंह को भी सुरक्षा कारणों से दूसरे ब्लॉक और नई सेल में शिफ्ट कर उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल उसे अन्य बंदियों से अलग रखते हुए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अब प्रोडक्शन रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर हत्या के पीछे की साजिश, घटना के कारणों और दोनों के बीच संबंधों का खुलासा करने में लगी है और मामले की जाँच कर रही है..
दूसरी ओर जांच में जगन गुर्जर की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी नए तथ्य सामने आए हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक वह मधुमेह से पीड़ित था और लंबे समय से घुटनों के दर्द का इलाज भी चल रहा था। चिकित्सकों की सलाह पर उसे नियमित रूप से इंसुलिन, दर्द निवारक दवाओं के साथ आराम के लिए नींद की गोली भी दी जा रही थी। हालांकि जगन के अंतिम संस्कार के दौरान उसके बेटे आशाराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता को जबरन नींद की गोली खिलाकर हत्या की गई। फिलहाल इस दावे की जांच जारी है और पोस्टमार्टम सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल जारी है। जेल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हाई सिक्योरिटी जेल की व्यवस्थाओं में आवश्यक बदलाव किए जा रहे

