जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस सख्त, पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के लिए प्लेटफॉर्म्स को भेजे जाएंगे नोटिस
जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले सीजेपी छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन से जुड़े पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स की लगातार समीक्षा की जा रही है और जिन कंटेंट को कानून के विरुद्ध या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए संभावित रूप से हानिकारक पाया जाएगा, उन्हें हटाने के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजे जाएंगे। दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट की पहचान कर रही है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर, यह छात्र आंदोलन अपने अनोखे स्वरूप को लेकर भी चर्चा में रहा। पारंपरिक विरोध प्रदर्शनों से अलग इस आंदोलन में डिजिटल नेटवर्क, मीम्स, रील्स, लाइव स्ट्रीम और सोशल मीडिया अपडेट्स ने बड़ी भूमिका निभाई, जबकि देश-विदेश से लोगों ने स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदर्शनकारियों तक भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया। आंदोलन के दौरान छात्र एक-दूसरे की मदद करते नजर आए और बड़ी संख्या में शामिल छात्राओं ने खुद को सुरक्षित महसूस करने की बात कही, जिससे महिला सुरक्षा इसकी सकारात्मक पहचान बनी। हालांकि, आंदोलन के अंतिम दिनों में कुछ असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, फूड डिलीवरी में अव्यवस्था और इस्तीफे के बाद हुई हिंसक घटनाओं ने इस आंदोलन की अनुशासित और शांतिपूर्ण छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए।
