अखंड सुहाग के पर्व करवा चौथ पर शहर के आशापुरा माता मंदिर में विवाहित महिलाओं का तांता लगा रहा। मंदिर न्यास की ओर से इस अवसर पर माताओं-बहनों को विशेष रूप से अभिमंत्रित सिंदूर और मेहंदी की कोन का नि:शुल्क वितरण किया गया, जिसे पाने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं मंदिर परिसर में जुटीं।
शारदीय नवरात्र में हुआ विशेष अनुष्ठान
मंदिर न्यास के सह-सचिव सुरेश वैष्णव ने बताया कि शारदीय नवरात्र के नौ दिनों के दौरान इस सिंदूर और मेहंदी को विधि-विधान के साथ अभिमंत्रित किया गया था। नवरात्र की नवमी तिथि पर आयोजित हवन-यज्ञ के दौरान माताओं-बहनों के अखंड सुहाग, पति की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना के साथ विशेष आहुतियां अर्पित की गईं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद ही इन्हें मां आशापुरा के प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित करने का संकल्प लिया गया था।
दांपत्य जीवन के अटूट प्रेम का प्रतीक है पर्व
हिन्दू संस्कृति में करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के प्रेम, समर्पण और अटूट दांपत्य संबंधों को समर्पित है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने जीवनसाथी की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना करती हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने यह विशेष पहल की, ताकि महिलाएं इस अभिमंत्रित प्रसाद का उपयोग कर मां आशापुरा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
