मेघालय की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल गए हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इन विधायकों ने भाजपा का दामन थामा। इस बड़े फेरबदल के साथ ही मेघालय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर सीधे 10 हो गई है। इसके चलते भाजपा अब नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
इन विधायकों ने छोड़ी UDP
भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में लहकमन रिंबुई, पियस मारवीन, किर्मेन शायला, मायरेलबार्न सिएम, मैथ्यू कुर्बाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुफर सिनरेम और सिनशर कुफर रॉय शामिल हैं। इस बड़े झटके के बाद UDP के विधायकों की संख्या 12 से घटकर अब सिर्फ 4 रह गई है।
राज्य में इस समय नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP), UDP और भाजपा गठबंधन वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) की सरकार चल रही है। गठबंधन में शामिल होने के बावजूद UDP के इस प्रकार बड़े पैमाने पर विधायकों के पाला बदलने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पीएम मोदी के कामकाज से प्रभावित होकर लिया फैसला
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इन सभी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर और मेघालय में हो रहे विकास कार्यों को देखकर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है।
इससे पहले 12 सितंबर को UDP के पूर्व विधायक जेमिनो मावथोह ने भी भाजपा की सदस्यता ली थी। तभी से राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि आने वाले दिनों में और भी विधायक पाला बदल सकते हैं।
पहले भी दिए थे बगावत के संकेत
इन विधायकों के पार्टी छोड़ने से पहले ही अंदरखाने असंतोष की खबरें सामने आने लगी थीं। शिलॉन्ग में 11 सितंबर को UDP की सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पार्टी के छह विधायक शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, उस समय पार्टी अध्यक्ष मेहतबा लिंगदोह ने दावा किया था कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और संगठन में कोई फूट नहीं है।
