प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो के 41 किलोमीटर लंबे फेज-2 कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे। प्रहलादपुरा से सीकर रोड टोडी तक प्रस्तावित इस परियोजना पर करीब 13 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जयपुर मेट्रो प्रशासन के अनुसार परियोजना को साढ़े पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस रूट पर कुल 36 मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। निर्माण कार्य में रफ़्तार लाने के लिए इसको 5 जोन में बांटा गया है। पहले जोन में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक 12 किमी हिस्से का काम शुरू हो चुका है, इस पर 918 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरे जोन में पिंजरापोल गोशाला से जवाहर सर्किल रोड एयरपोर्ट तक 3 किमी लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस हिस्से में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस खंड पर करीब 1160 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका टेंडर जारी हो चुका है, जो 22 जुलाई को खोला जाएगा। शेष तीन जोन के लिए भी जल्द वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे। इस रूट की पहली डीपीआर साल 2011 में कांग्रेस सरकार के दौरान तैयार की गई थी। इसके बाद 15 साल में कांग्रेस और भाजपा सरकारों के कार्यकाल के दौरान इसमें पांच बार संशोधन किए गए और डीपीआर पर 12 करोड़ रुपए खर्च हुए। जानकारी के लिए बता दे की डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी। फेज-2 के साथ-साथ फेज-1 में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। बड़ी चौपड़ से मानसरोवर के बीच संचालित मेट्रो लाइन पर खासाकोठी में नया स्टेशन बनाया जाएगा। इससे फेज-1 में स्टेशनों की संख्या 11 से बढ़कर 12 हो जाएगी। खासाकोठी पर ही फेज-2 का स्टेशन भी विकसित होगा। दोनों स्टेशन 150 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज से जोड़े जाएंगे। जिससे यात्रियों को आसान इंटरचेंज सुविधा मिलेगी।
पीएम की जयपुर को मेट्रो सौगात
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