मंदसौर कृषि उपज मंडी में इन दिनों फसलों की भारी आवक के चलते हालात बेकाबू हो गए हैं। सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, लहसुन और प्याज की बंपर आवक से मंडी परिसर पूरी तरह भर चुका है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। स्थिति यह है कि वाहन परिसर के अंदर समा नहीं पा रहे हैं, और बाहर लंबी कतारों के कारण सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है।
सबसे अधिक संकट मूंगफली की उपज लेकर पहुंचे अन्नदाताओं के सामने खड़ा हुआ है। कई किसानों का कहना है कि वे तीन दिन से मंडी परिसर में ही डेरा डाले हुए हैं, लेकिन अभी तक उनकी तुलाई का नंबर नहीं आया है। खुले आसमान के नीचे और वाहनों के बीच समय बिताने को मजबूर किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ भारी मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़कों पर लगा लंबा जाम, राहगीर परेशान
मंडी के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। मुख्य सड़क मार्ग पर जाम लगने के कारण आम राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अव्यवस्थाओं के इस माहौल में किसानों का कहना है कि जब हर साल इस सीजन में बंपर आवक का अनुमान रहता है, तो प्रशासन पहले से पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं करता। तुलाई में हो रही इस अंतहीन देरी के कारण किसानों का समय और डीजल का खर्च दोनों बर्बाद हो रहा है।
प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल
किसानों के लगातार तीन दिनों तक इंतजार करने की स्थिति सामने आने के बाद मंडी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आवक को संभालने के लिए अतिरिक्त काउंटर या वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण यह संकट गहराया है। अब देखना यह होगा कि इस अराजकता को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।
