राजस्थान में नए श्रम नियम लागू होंगे 40 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों की सालाना मेडिकल जांच
राजस्थान सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राजस्थान ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस रूल्स-2026 लागू कर दिए हैं। ये नए नियम 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गए हैं। सरकार के मुताबिक इससे जहां श्रमिकों को बेहतर कार्य वातावरण और कानूनी सुरक्षा मिलेगी, वहीं उद्योगों को भी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कई प्रक्रियाओं में राहत मिलेगी।
नए नियमों के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी को बिना नियुक्ति पत्र के काम पर नहीं रखा जा सकेगा। नियुक्ति पत्र में वेतन, पद, ईपीएफ, ईएसआई और अन्य भत्तों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा बीड़ी-सिगार और निर्माण क्षेत्र जैसे कार्यों में लगे 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों का हर साल निशुल्क मेडिकल चेकअप कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। कर्मचारियों से सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा।
उद्योगों के लिए भी नई व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। अब कारखाना पंजीकरण, लाइसेंस नवीनीकरण और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाकर अधिकतम 10 साल कर दी गई है। नवीनीकरण शुल्क जमा होने के बाद लाइसेंस स्वत: जारी हो जाएगा और समय पर आवेदन का निस्तारण नहीं होने पर डीम्ड रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होगी।
नए नियमों में कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर भी सख्ती की गई है। किसी गंभीर दुर्घटना या कर्मचारी की मृत्यु होने पर इसकी सूचना तुरंत श्रम विभाग, पुलिस और प्रशासन को देनी होगी। वही व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसमें आईआईटी जोधपुर, एमएनआईटी और एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ शामिल होंगे। 500 से अधिक श्रमिकों वाले उद्योगों में सुरक्षा समिति और सेफ्टी ऑफिसर अनिवार्य होंगे, जबकि खतरनाक उद्योगों में 250 श्रमिकों पर सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति करनी होगी। सरकार के अनुसार इन नियमों से श्रमिकों की सुरक्षा मजबूत होगी और राजस्थान में औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है....
