नीमच जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ताबड़तोड़ दबिश दी है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर की गई इस अचानक कार्रवाई से ग्रामीण इलाकों में संचालित शराब अड्डों पर हड़कंप मच गया है। टीम ने मौके से भारी मात्रा में लाहन और उपकरण जब्त किए हैं।
किशनपुरिया और चढ़ोली समेत कई गांवों में घेराबंदी
जिला आबकारी अधिकारी बी.एल. दांगी और सहायक जिला आबकारी अधिकारी बी.एल. सिंगाड़ा के मार्गदर्शन में आबकारी अमले ने मंगलवार तड़के यह अभियान चलाया। वृत्त नीमच पूर्व क्षेत्र के ग्राम किशनपुरिया, चढ़ोली, सेदरिया, मानपुरा और जैतपुरा के जंगली व ग्रामीण इलाकों में अलसुबह घेराबंदी की गई।
तलाशी के दौरान तस्करों की चालाकी सामने आई, जिन्होंने महुआ लाहन को ठिकाने लगाने के लिए जमीन के अंदर गड्ढे खोदकर छिपा रखा था। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए नदी-नालों के किनारे अवैध रूप से संचालित हो रही 4 चालू भट्ठियों को मौके पर ही नेस्तनाबूद कर दिया।
73 हजार रुपये से अधिक का माल जब्त
कार्रवाई के दौरान जमीन में दबाकर रखा गया 675 किलोग्राम महुआ लाहन मौके पर ही नष्ट किया गया। इसके साथ ही, 23 लीटर हाथ भट्ठी की कच्ची शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की गई। आबकारी विभाग के मुताबिक, जब्त किए गए कुल सामान की अनुमानित कीमत 73,250 रुपये आंकी गई है।
इस सिलसिले में विभाग ने दो आरोपियों को नामजद करते हुए मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) के तहत कुल 5 प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरी कार्रवाई में वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक संजय कुमार कवारे, दीपक आंजना और आरक्षक विष्णु यादव, विलास डगिया, बलवंत भाटी, निशा राजपूत व मधुमिता मालवीय की टीम शामिल रही। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और भंडारण के खिलाफ इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
