पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक भीषण आत्मघाती हमले में 11 लोगों की मौत हो गई। इस धमाके में करीब 30 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
यह हमला डेरा इस्माइल खान जिले में सड़क किनारे बनी एक पुलिस चौकी पर हुआ। हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन को सीधे चौकी से टकरा दिया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
TTP ने ली हमले की जिम्मेदारी
विस्फोट के कुछ ही घंटों बाद प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाता रहा है।
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का गठन साल 2007 में हुआ था। यह संगठन पाकिस्तान सरकार और उसकी नीतियों का विरोध करता है। TTP का मानना है कि पाकिस्तानी हुकूमत इस्लामिक कानूनों का सही से पालन नहीं करती है, इसलिए वह देश में शरिया कानून लागू कराने के लिए सशस्त्र संघर्ष चला रहा है।
हमलों का बढ़ता दायरा और आंकड़े
पाकिस्तान में आतंकवाद के मामलों में इस साल भारी उछाल देखा गया है। सरकारी और स्वतंत्र आंकड़ों के मुताबिक, देश में जनवरी से अब तक कुल 990 आतंकी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन हिंसक वारदातों में अब तक 1,129 आम नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की जान जा चुकी है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव भी इन आतंकी गतिविधियों के चलते लगातार गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में पाकिस्तानी वायुसेना ने पिछले दिनों अफगानिस्तान की सीमा के भीतर एयरस्ट्राइक भी की थीं, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी खींचतान बढ़ गई है।
