ब्रज के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस प्रकरण में अब पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज के उतरने से हलचल तेज हो गई है। उन्होंने मामले की परतें खोलने का दावा करते हुए जांच एजेंसियों और संत समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पंडोखर बाबा का दावा: सामने ला दूंगा मौत का सच
दतिया में सामने आए इस घटनाक्रम पर बात करते हुए पंडोखर बाबा ने दावा किया कि रसिक दुलारी शरण की मौत के पीछे छिपी हर एक सच्चाई को वह सामने ला सकते हैं।
गुरुशरण महाराज ने कहा- "अगर आश्रम का कोई भी सदस्य या जांच कर रही पुलिस पंडोखर धाम आए तो मैं घटना से जुड़ी ऐसी जानकारियां दूंगा जो आज तक सामने नहीं आईं। मृतक के परिजन भी आकर अपना प्रश्न पूछें, तो उन्हें भी पूरी जानकारी दी जाएगी।"
पुलिस इस मामले में अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है, वहीं फॉरेंसिक और अन्य पहलुओं की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
प्रेमानंद महाराज पर भी उठाए सवाल
दीपक लोधी की संदिग्ध मौत को लेकर पंडोखर बाबा ने प्रेमानंद महाराज की भूमिका और जिम्मेदारी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शिष्यों के गुरु और संरक्षक होने के नाते प्रेमानंद महाराज को खुद आगे आकर इस मामले से पर्दा उठाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा- "महाराज जी, आप पर बड़ी जिम्मेदारी है, आप इन शिष्यों के गुरु भी हैं और पिता भी। आपको ब्रज के सभी लोगों के सामने आकर इस पूरे मामले को उजागर करना चाहिए। अपने समस्त शिष्यों को सामने बैठाकर सरकारी एजेंसियों से वार्तालाप कराइए।"
इसके साथ ही उन्होंने ग्रहों और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े बयानों पर भी अपनी बात रखी और कहा कि अगर इस तरह की कोई बात है तो उसका भी समाधान संभव है।
पर्ची वाले बाबाओं को खुली चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंडोखर बाबा ने देश भर के अन्य कथावाचकों और पर्ची वाले बाबाओं पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई भी अन्य चमत्कारी बाबा अपनी शक्तियों से यह नहीं बता पाया कि यह मौत किन परिस्थितियों में हुई।
गुरुशरण महाराज ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- "सभी पर्ची वाले बाबाओं को एक जगह बुलाओ और मुझे भी बुलाओ। कोई भी इस घटना की जानकारी चाहता हो, चाहे परिजन ही क्यों न हों, मैं 99% उस सत्य तक पहुंचा दूंगा जिस कारण यह घटना हुई।"
इस बयान के बाद संत समाज और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जबकि पुलिस प्रशासन अपनी नियमित जांच प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई में जुटा है।
