दिल्ली के कनॉट प्लेस में बाजार बंद कराने के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रशासन और सत्ताधारी दल ने इंडिया गठबंधन की रैली में शामिल होने आए लोगों को रोकने और स्थानीय कारोबारियों को नुकसान पहुंचाने के लिए जबरन दुकानें बंद कराईं।
हाल ही में इंडिया गठबंधन की महारैली और मार्च से पहले राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने बाहर से आने वाले समर्थकों से दिल्ली के व्यापारियों से खरीदारी करने की अपील की थी, ताकि त्योहारी सीजन में स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक लाभ मिल सके।
'व्यापारियों का नुकसान कौन कर रहा है?'
कनॉट प्लेस पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने स्थिति का जायजा लिया और व्यापारियों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जानबूझकर व्यापारियों का नुकसान क्यों कराया जा रहा है और इसके पीछे किसका दबाव है।
राहुल गांधी ने कहा- "लोगों को यह समझने की जरूरत है कि व्यापारियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश कैसे रची जा रही है। हम चाहते थे कि प्रोटेस्ट और मार्च के साथ-साथ लोग थोड़ी खरीदारी भी करें, जिससे बाजारों में रौनक आए।" उन्होंने दावा किया था कि राजनीतिक रैलियों से कारोबार प्रभावित नहीं होता, बल्कि लोग डर के माहौल के कारण ऐसा कर रहे हैं।
CTI ने जताई थी बाजार बंद रहने की आशंका
इससे पहले चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेताओं को एक पत्र लिखकर रैली के चलते व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई थी। CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने पत्र में कहा था कि रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में प्रस्तावित रैली के कारण करीब 80 फीसदी दुकानें बंद रहने की संभावना है।
व्यापारियों के इस संगठन ने तर्क दिया था कि मार्च और विरोध प्रदर्शनों के दौरान ट्रैफिक पाबंदियों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे त्योहारी सीजन में कारोबार पर विपरीत असर पड़ता है। इसी चिंता के जवाब में राहुल गांधी ने समर्थकों से अपील की थी कि वे प्रदर्शन के दौरान स्थानीय बाजारों से सामान खरीदकर कारोबारियों को राहत दें।
