राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में रविवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। जयपुर में सुबह 6 बजे से दोपहर तक बारिश होती रही, वहीं अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ समेत कई इलाकों में भी मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 12 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने और अगले दो दिनों में कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पिलानी में 98 मिमी, थानागाजी में 93, खैरथल-तिजारा में 92, राजगढ़ में 90 और दौसा में 82 मिमी बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट के साथ लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इधर, जयपुर के कानोता बांध में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। पिछले दो दिनों की बारिश के बाद बांध की रपट पर एक बार फिर चादर चलने लगी है और रपट से बहता पानी ढूंढ नदी पुल तक पहुंच गया है। आसपास के सूखे गड्ढे भी पानी से भर गए हैं। बांध पर चादर चलने का नजारा देखने जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिससे कानोता बांध बारिश के मौसम में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता भी सामने आ रही है।
राजस्थान में फिर बदला मौसम
राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में रविवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। जयपुर में सुबह 6 बजे से दोपहर तक बारिश होती रही, वहीं अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ समेत कई इलाकों में भी मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
आपणो राजस्थान
मुख्य बातें
- जयपुर के कानोता बांध की रपट पर फिर से चादर चलने लगी है और पानी ढूंढ नदी पुल तक पहुंच गया है।
- पिछले 24 घंटे में पिलानी में सबसे ज्यादा 98 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- राजस्थान के 20 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान में बारिश का दौर कब तक जारी रहने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार 12 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
कानोता बांध पर क्या स्थिति बनी हुई है?
A: पानी की आवक बढ़ने से बांध की रपट पर चादर चल रही है और पानी ढूंढ नदी पुल तक पहुंच गया है।
