राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियां तेज, 309 निकायों के वार्ड आरक्षण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों को सौंपी
राजस्थान में लंबे समय से लंबित नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वायत्त शासन विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में वार्डों के वर्गवार और महिला आरक्षण तय करने की जिम्मेदारी संबंधित जिला कलेक्टरों को सौंप दी है। हाईकोर्ट के निर्देशों और तय समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर अब अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग अनारक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी लॉटरी के माध्यम से पूरी करेंगे। वहीं नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी राज्य स्तर पर जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग द्वारा निकाली जाएगी। सरकार सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट नियमों के तहत OBC सर्वे की अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त 2026 तक प्राप्त करने और 15 अगस्त तक आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त को चुनाव संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, 22 अगस्त को राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव अधिसूचना जारी कर सकता है, जबकि सितंबर 2026 में मतदान होने की संभावना है। हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद प्रदेश में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
