सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में अंधविश्वास और ब्लैकमेलिंग के एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रेत बाधा दूर करने और बीमारी का इलाज करने का झांसा देकर एक महिला का यौन उत्पीड़न करने और उसे वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले कथावाचक ओमकार मिश्रा को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संध्या मनोज श्रीवास्तव की अदालत ने 14-14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को तुरंत जेल भेज दिया गया है। यह पूरा मामला करीब एक साल तक चले जुल्म और धमकियों के बाद सामने आया था, जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
आश्रम में बनाया था ठिकाना, प्रेत बाधा का झांसा
बांदरी थाना क्षेत्र के रोड़ा गांव के रहने वाले ओमकार मिश्रा ने पथरिया बामन गांव के जंगल में एक आश्रम बना रखा था। वह खुद को कथावाचक बताता था और इसी आड़ में आसपास के लोगों को अपनी गिरफ्त में लेता था।
अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने इलाके की एक महिला को प्रेत बाधा दूर करने और उसकी बीमारी का इलाज करने का झांसा देकर अपने इसी आश्रम में बुलाया था। इलाज के नाम पर उसने महिला के साथ गलत काम किया और इस दौरान उसका वीडियो भी बना लिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक साल तक किया ब्लैकमेल
आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धमकियों से डरी हुई पीड़िता चुपचाप यह सब सहती रही।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कभी महिला को अपने आश्रम बुलाता था तो कभी खुद उसके घर पहुंचकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था। यह सिलसिला करीब एक साल तक लगातार चलता रहा। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के चलते पीड़िता लंबे समय तक किसी को कुछ बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
पति को बताई आपबीती, 26 दिसंबर 2024 को दर्ज हुई एफआईआर
लगातार बढ़ते टॉर्चर से परेशान होकर आखिरकार पीड़िता ने पूरी आपबीती अपने पति को बताई। इसके बाद परिजनों ने साहस दिखाते हुए 26 दिसंबर 2024 को बांदरी थाने पहुंचकर आरोपी कथावाचक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्परता दिखाते हुए आरोपी ओमकार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की गहन जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था, जिस पर अब अदालत ने फैसला सुनाया है।
न्यायालय का फैसला और दो अलग-अलग धाराओं में सजा
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी (एजीपी) बलवीर सिंह ने मामले की पैरवी की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर आए पुख्ता सबूतों का मुआयना करने के बाद आरोपी को दोषी माना।
न्यायाधीश ने दो अलग-अलग धाराओं के तहत आरोपी ओमकार मिश्रा को 14-14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला अंधविश्वास की आड़ में महिलाओं का शोषण करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को जेल भेज दिया है।
