मध्य प्रदेश के सागर जिले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी रैकेट का मोतीनगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर की वर्धमान कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश देकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 12 मोबाइल फोन और कई वित्तीय दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती छानबीन में 60 से 70 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
वर्धमान कॉलोनी में चल रहा था अवैध कारोबार
मोतीनगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि काकागंज स्थित वर्धमान कॉलोनी के एक मकान में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। बिना किसी वैध अनुमति के शेयर मार्केट में निवेश के बहाने लोगों को अधिक रिटर्न का झांसा दिया जा रहा था।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार दोपहर को उक्त मकान पर छापा मारा। मौके से सौरभ रैकवार, अनिल नामदेव और दीपक राजपूत को हिरासत में लिया गया। तीनों आरोपी सागर के ही रहने वाले हैं।
मुख्य सरगना की तलाश में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे सभी करण चौरसिया के इशारे पर यह काम कर रहे थे। जिस मकान में यह अवैध कारोबार चल रहा था, वह भी करण चौरसिया का ही बताया जा रहा है। पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह बिना सेबी (SEBI) की मंजूरी के लोगों से रकम ऐंठ रहा था। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
जब्त दस्तावेजों और मोबाइल की हो रही फॉरेंसिक जांच
पुलिस अब मौके से मिले 12 मोबाइल फोन और 8 बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। दस्तावेजों में 60 से 70 लाख रुपये के लेनदेन के प्रमाण मिले हैं। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की डिटेल और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के शिकार हुए कुल पीड़ितों की सही संख्या और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकेंगे।
