तिथि-नक्षत्र का समय पूरे देश में एक जैसा रहता है; सूर्योदय, राहुकाल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
| तिथि | कृष्ण तृतीया रात 01:07 तक (29 अक्टूबर) फिर कृष्ण चतुर्थी रात 22:11 तक (29 अक्टूबर) |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका (स्वामी: सूर्य) 13:26 तक फिर रोहिणी (स्वामी: चंद्रमा) सुबह 11:12 तक (29 अक्टूबर) |
| योग | व्यतीपात 07:19 तक फिर वरीयान रात 03:41 तक (29 अक्टूबर) फिर परिघ रात 00:06 तक (30 अक्टूबर) |
| करण | वणिज 14:37 तक फिर विष्टि रात 01:07 तक (29 अक्टूबर) फिर बव सुबह 11:38 तक (29 अक्टूबर) |
| वार | बुधवार |
| चंद्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | तुला |
| ऋतु / अयन | शरद / दक्षिणायन |
| दिशाशूल | उत्तर |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (चरण) | स्थिति | आगामी राशि-परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | तुला | 10.4° | स्वाति (2) | नीच | — |
| चंद्रमा | वृषभ | 5.8° | कृत्तिका (3) | उच्च | → मिथुन, 29 अक्टूबर रात 22:07 |
| मंगल | कर्क | 22.4° | आश्लेषा (2) | नीच | — |
| बुध | तुला | 25.8° | विशाखा (2) | वक्री | — |
| गुरु | कर्क | 29.6° | आश्लेषा (4) | उच्च | — |
| शुक्र | तुला | 4.2° | चित्रा (4) | मूलत्रिकोणवक्री | — |
| शनि | मीन | 15.3° | उत्तराभाद्रपद (4) | वक्री | — |
| राहु | कुंभ | 2.0° | धनिष्ठा (3) | वक्री | — |
| केतु | सिंह | 2.0° | मघा (1) | वक्री | — |