पौराणिक रहस्यों और एडवेंचर के ताने-बाने से बुनी फिल्म 'नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर' 3 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। 110 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषाओं में रिलीज होगी। फिल्म के निर्देशक अभिषेक नामा ने बताया कि यह कहानी सदियों पुराने एक ऐसे खजाने के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें मानवता की किस्मत बदलने की क्षमता है।
प्राचीन इतिहास और रिसर्च पर आधारित फिल्म
निर्देशक अभिषेक नामा के अनुसार, इस फिल्म का मूल विचार भारत के प्राचीन इतिहास और खोई हुई सभ्यताओं को लेकर उनकी गहरी रुचि से उपजा है। उन्होंने बताया- "मैंने कई वर्षों तक पवित्र मंदिरों, नाग परंपराओं और उन दंतकथाओं पर गहन रिसर्च की है, जो आज भी अनसुलझी हैं। फिल्म में ब्रह्मकमल, भूले-बिसरे योद्धा और मंदिरों के रहस्यों को बड़े पर्दे पर पेश किया गया है।"
10 भव्य सेट और एक साल की मेहनत
फिल्म की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए हैदराबाद में 10 बड़े सेट तैयार किए गए थे। शूटिंग के लिए जंगलों और पानी वाले इलाकों के अलावा विशेष स्टूडियो लोकेशन का इस्तेमाल किया गया। अभिषेक ने बताया कि फिल्म के हर हथियार और कॉस्ट्यूम को कहानी के कालखंड के हिसाब से अलग तरीके से डिजाइन किया गया था। एक्शन दृश्यों और क्लोजअप शॉट्स के लिए हथियारों के विशेष संस्करण बनाए गए। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा है।
कास्टिंग और किरदारों की गहराई
फिल्म की मुख्य भूमिका में विराट कर्ण नजर आएंगे। निर्देशक ने बताया कि विराट को इसलिए चुना गया क्योंकि फिल्म की पूरी जर्नी उन्हीं के किरदार के आसपास घूमती है। उनके साथ महेश मांजरेकर और मुरली शर्मा जैसे अनुभवी कलाकार फिल्म को एक अलग गहराई देते हैं, जबकि नाभा नटेश और दक्षा नागरकर ने अपने किरदारों को मजबूती के साथ पेश किया है।
कहानी को आगे बढ़ाते हैं 5 गाने
फिल्म में कुल पांच गाने हैं, जिन्हें महज मनोरंजन नहीं बल्कि कहानी का हिस्सा माना जा रहा है। इनमें एक भक्ति गीत है जो आध्यात्मिकता पर केंद्रित है, तो वहीं एक रोमांटिक गाना मुख्य किरदारों के भावनात्मक सफर को दर्शाता है। इसके अलावा फिल्म में एक दर्द और त्याग को बयां करने वाला गीत, नागा साधुओं की दुनिया से प्रेरित एक ट्रैक और एक पारिवारिक उत्सव वाला गाना भी शामिल है।
