महंगाई के चलते आम जनता को जून महीने में एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद राजस्थान में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 945 रुपये 50 पैसे का हो गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही खाद्य पदार्थों, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं पर लोगों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर महंगा होने से लाखों परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
आपको बता दे घरेलू गैस सिलेंडर आज लगभग हर घर की जरूरत है। शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अधिकांश परिवार खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। ऐसे में कीमतों में होने वाली हर बढ़ोतरी का असर सीधे आम आदमी की रसोई तक पहुंचता है। वही आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच घर का बजट संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। रसोई से जुड़ी हर चीज महंगी हो रही है और अब गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों ने चिंता को ओर बढ़ा दिया है। आपको बता दे की इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि आने वाले महीनों में कीमतें स्थिर रहेंगी या कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तीन महीने बाद फिर हुई बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की उम्मीदों को झटका दिया है। लगातार दूसरी बार कीमत बढ़ने से लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई परिवारों का कहना है कि आय में कोई विशेष वृद्धि नहीं हो रही, लेकिन रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ने से काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधा घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है। तेल विपणन कंपनियां इसी आधार पर समय-समय पर कीमतों में संशोधन करती हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं का तर्क है कि वैश्विक परिस्थितियों का बोझ बार-बार जनता पर डालना अच्छा नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने बहुत जरूरी है
इस बीच विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को लेकर सरकार को जमकर घेरा है। कई संगठनों ने घरेलू एलपीजी पर सब्सिडी व्यवस्था को मजबूत करने और निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों को राहत देने की मांग की है। फिलहाल नई कीमतें लागू हो चुकी हैं और उपभोक्ताओं को अब गैस सिलेंडर खरीदने के लिए पहले से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में महंगाई के इस दौर में आम परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ा हुआ है.......
