जैसलमेर के प्रसिद्ध लोकदेवता बाबा रामदेव की नगरी रामदेवरा में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दूज के पावन अवसर पर गुरुवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचे, जिससे समाधि स्थल पर करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। श्रद्धालुओं का उत्साह इतना अधिक था कि बुधवार शाम करीब 7 बजे से ही लोग समाधि स्थल के बाहर कतार में बैठना शुरू हो गए थे। रातभर श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा और गुरुवार तड़के करीब 3 बजे जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा परिसर 'रामसापीर की जय' के जयघोष से गूंजता दिखाई दिया।

दूज के विशेष अवसर पर बाबा रामदेव की समाधि का दूध, दही और केसर से विशेष अभिषेक किया गया तथा बाबा को स्वर्ण मुकुट धारण कराया गया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू किए गए। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि पर मत्था टेककर सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगलकामना की। इस बार गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा और जामनगर सहित कई शहरों से सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, जयपुर, जोधपुर समेत देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से भी हजारों भक्त रामदेवरा पहुंचे है...  

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए ग्राम पंचायत की ओर से दोनों अस्थायी पुलियों की व्यवस्था भी की गई। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मेला मैदान में सजी दुकानों से खरीदारी का भी आनंद लिया। पूरे दिन रामदेवरा की गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहीं और पूरा कस्बा भक्ति, आस्था और जयकारों से सराबोर नजर आया। इस बार आषाढ़ शुक्ल दूज पर श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा रही, जिससे रामदेवरा में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।