छिंदवाड़ा में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों ने आयुर्वेद को देश की राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित किए जाने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन आगामी 23 सितंबर को देश भर में मनाए जाने वाले 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के सिलसिले में दिया गया है।

डॉ. दिलीप खरे के नेतृत्व में पहुंचे आयुर्वेद चिकित्सकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से यह ज्ञापन सौंपा, जिसके जरिए शासन तक अपनी मांग पहुंचाई गई है। चिकित्सकों का कहना है कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली है, जो आज भी आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में अहम भूमिका निभा रही है।

व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की मांग

ज्ञापन सौंपने के दौरान चिकित्सकों ने इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति के संरक्षण और संवर्द्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के जरिए न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान भी आगे बढ़ रहा है।

चिकित्सकों ने मांग की है कि आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति का औपचारिक दर्जा दिया जाए। इससे इस प्राचीन विधा को देश भर में व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सकेगा और इसके दायरे का विस्तार होगा।

आगामी 23 सितंबर को है 11वां आयुर्वेद दिवस

देश भर में 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस आगामी 23 सितंबर को मनाया जाएगा। इस वार्षिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके प्रसार को गति देना है। छिंदवाड़ा में दिए गए इस ज्ञापन को इसी राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों और प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।