शारदीय नवरात्रि के मौके पर मध्य प्रदेश के बड़वानी स्थित धोबड़िया हिल्स के मां वैष्णोदेवी दरबार में धार्मिक आयोजन जोरों पर हैं। यहां आगामी 23 अक्टूबर को 31वें विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। इस वर्ष आयोजन स्थल पर पावागढ़ माता की थीम पर एक भव्य पांडाल तैयार किया गया है, जो स्थानीय लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
1996 में मन्नत पूरी होने पर रखी गई थी नींव
मंदिर से जुड़े आनंद हल्दीवाल ने बताया कि इस दरबार की स्थापना के पीछे एक पारिवारिक मन्नत जुड़ी है। उनकी बहन के स्वास्थ्य लाभ की कामना पूरी होने के बाद 20 अक्टूबर 1996 को बड़वानी में मां वैष्णोदेवी की स्थापना की गई थी, जिसके बाद से लगातार अखंड ज्योत और भंडारे की परंपरा चली आ रही है।
हर साल की तरह इस बार भी 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रसादी भंडारा चलेगा। इसमें बड़वानी शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय श्रद्धालु स्वेच्छा से शुद्ध घी, तेल, बेसन और हरी सब्जियों जैसी खाद्य सामग्री का सहयोग कर रहे हैं। समिति ने तय किया है कि भंडारे में एकत्रित कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा सनातन धर्म से जुड़े कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
विघ्नहर्ता यूनिटी के सदस्यों ने तैयार किया पांडाल
इस बार मंदिर परिसर में बनाए गए आकर्षक पांडाल को विघ्नहर्ता यूनिटी के करीब 40 सदस्यों ने मिलकर तैयार किया है। सदस्य आर्यन मारू के मुताबिक, इसे बनाने में लगभग 50 से 60 हजार रुपये की लागत आई है और सदस्यों ने दिन-रात मेहनत कर इसे स्वरूप दिया है। इससे पहले पिछले साल समिति ने मां वैष्णोदेवी के स्वरूप के साथ एक विशेष गुफा का निर्माण किया था।
भंडारे की व्यवस्थाओं के लिए गठित की गई समिति
आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंदिर समिति की बैठक में पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अजय वसुरे को अध्यक्ष, अंकित बघेल व राम अग्रवाल को उपाध्यक्ष, रितिक राठौर व अतुल जमरे को सचिव और मयूर उपासनी व मोहित पाटीदार को सहसचिव बनाया गया है। वहीं अशोक शर्मा दादा को कोषाध्यक्ष, आदित्य शर्मा व अनुभव अवस्थी को मीडिया प्रभारी तथा अभीउदय शर्मा व प्रिंस लोनारे को प्रचार मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
नवरात्रि के इन दिनों में मंदिर में सुबह और शाम विशेष आरतियां हो रही हैं, जिसमें रोजाना अलग-अलग श्रद्धालु प्रसादी वितरण की व्यवस्था संभाल रहे हैं। समिति ने जिले के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से भंडारे में पहुंचकर दर्शन करने और प्रसादी ग्रहण करने की अपील की है।
