राजस्थान में सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बता दे माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के निर्देश पर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लबों का गठन किया जाएगा। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल ट्रैफिक नियमों की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने और सड़क सुरक्षा का संदेश अपने परिवार व समाज तक पहुंचाने के लिए भी तैयार किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में 5 से 10 विद्यार्थियों को रोड सेफ्टी वॉलंटियर के रूप में चुना जाएगा, जो जागरूकता अभियान चलाएंगे और लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करेंगे। योजना के तहत ट्रैफिक पुलिस भी स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग से बचने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने और ट्रैफिक संकेतों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी देगी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों और उनके गंभीर दुष्परिणामों से भी बच्चों को अवगत कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के मुताबिक यदि बचपन से ही विद्यार्थियों में ट्रैफिक अनुशासन और सड़क सुरक्षा की आदत विकसित की जाए तो वे स्वयं नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकेंगे इससे आने वाले वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण मदद मिल पाएगी।
