राजगुरू आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 90वें स्थापना दिवस पर आयोजित नवदशकोत्सव एवं ग्लोबल समिट में शनिवार को वक्ताओं ने आध्यात्मिक चेतना, महिला नेतृत्व और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में समाज की भागीदारी को अहम बताया।
सेवा को स्वभाव बनाएं, ‘मैं’ की बजाय ‘हम’ की भावना से हो कार्य: नितिन नवीन
राजसभा सांसद नितिन नवीन ने ब्रह्माकुमारी संस्थान की 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा को सेवा, साधना और विश्व बंधुत्व का प्रेरक उदाहरण बताया। संस्थान की थीम ‘जागृति से कर्म तक’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जागृति तभी सार्थक होती है जब विचार आचरण में उतरें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वुमन-लेड डेवलपमेंट’ विजन के अनुरूप मातृशक्ति का नेतृत्व देश को दिशा दे रहा है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए चल रहे अभियानों में जनभागीदारी बढ़ाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में हर नागरिक की भूमिका पर बल दिया। संस्थान के 90वें वर्ष पर 90 लाख पौधे लगाने, 1 लाख से अधिक रक्तदान करने और 90 शहरों में आध्यात्मिक सभाएं आयोजित करने के लक्ष्यों का उन्होंने जिक्र किया।
सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण पर जोर: सीएम भजनलाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जरिए भारतीय योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान राजयोग के माध्यम से विश्व शांति के लिए कार्य कर रहा है।
राज्य सरकार के कार्यों का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवालयों और तीर्थस्थलों का विकास किया जा रहा है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 29 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, और खेजड़ी सहित 29 वृक्षों के संरक्षण के लिए विधेयक लाया गया है।
आबूरोड में एयर स्ट्रिप से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आबूराज क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। क्षेत्र में एयर स्ट्रिप के विकास को लेकर केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
कार्यक्रम से पहले राज्यसभा सांसद और मुख्यमंत्री ने शांति वन में मेडिटेशन किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बी.के. मृत्युंजय समेत देश-विदेश के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
