शहर में नशामुक्ति और अवैध रूप से संचालित आहटों के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रही गुलाबी गैंग की कमांडर पूर्णिमा वर्मा को रविवार सुबह उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। फव्वारा चौक पर मुख्यमंत्री के नाम सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित करने का कार्यक्रम तय था, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी।
प्रशासन से अनुमति न मिलने के बाद पूर्णिमा वर्मा ने घर पर ही विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि पुलिस बल ने उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया है और उन्हें बाहर कदम नहीं रखने दिया जा रहा है।
फव्वारा चौक पर होना था यज्ञ
पूर्णिमा वर्मा ने नशामुक्ति और शहर में डेली नीड्स की आड़ में चल रही कथित अवैध आहटों के खिलाफ फव्वारा चौक पर सद्बुद्धि यज्ञ का ऐलान किया था। इस आयोजन के लिए कोतवाली थाना और एसडीएम कार्यालय में लिखित आवेदन दिए गए थे।
पूर्णिमा वर्मा ने बताया कि प्रशासन को पहले ही लिखित में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, केवल सद्बुद्धि यज्ञ होना है। इसके बावजूद रविवार सुबह उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
नजरबंदी और पाबंदियों के आरोप
गुलाबी गैंग कमांडर का कहना है कि पुलिस ने उन्हें पूरी तरह से घर में कैद कर दिया है। उनके मुताबिक, न तो उन्हें बाहर जाने की अनुमति है और न ही किसी बाहरी व्यक्ति या समर्थक को उनसे मिलने दिया जा रहा है।
पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि समाजहित और नशामुक्ति के मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए था। इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे की रणनीति
गुलाबी गैंग की तरफ से साफ किया गया है कि प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद नशामुक्ति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी। संगठन ने भविष्य में भी ऐसे मुद्दों पर मुखर रहने की बात कही है।
