मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेन्द्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग और उनके तीन साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार दोपहर राजनगर थाना क्षेत्र के कोढ़ा गांव में मोती कुशवाहा (30) नाम के युवक पर जानलेवा हमला हुआ। आरोप है कि जमीन विवाद के चलते शालिग्राम गर्ग और उसके साथियों ने पहले युवक को लाठियों से पीटा, फिर उस पर तीन राउंड फायरिंग की।
गवाही देने पर हमले का आरोप
पीड़ित मोती कुशवाहा ने पुलिस को बताया कि वह शालिग्राम गर्ग के खिलाफ चल रहे एक भूमि हड़पने के मामले में जुगल किशोर पांडे की ओर से गवाही देने वाला था। इसी रंजिश के चलते आरोपी उसे घर से बाहर बुलाकर ले गए। कुशवाहा के अनुसार, फायरिंग के दौरान एक गोली उसके कान, एक पेट और तीसरी शरीर के अन्य हिस्से को छूकर निकल गई। जिला अस्पताल में हुए एक्स-रे में उसके शरीर में गोली जैसा ऑब्जेक्ट मिला है।
पुलिस जांच और कानूनी स्थिति
छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शालिग्राम गर्ग, सतीश, आशीष और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
धीरेन्द्र शास्त्री की प्रतिक्रिया
अपने भाई पर लगे आरोपों पर बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि उनका शालिग्राम गर्ग से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "मैंने तीन साल पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि शालिग्राम का हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं है। कानून अपना काम करे और दोषी को सजा मिलनी चाहिए।"
