Monday, 2 November 2026
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दीपावली पंचांग: तिथियों के फेर से इस बार दो दिन मनेगी धनतेरस, 8 नवंबर को महालक्ष्मी पूजन; देखें पूरी तिथियों की लिस्ट

संक्षेप में

पंचांगीय तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण इस बार धनतेरस 6 और 7 नवंबर को दो दिन मनाई जाएगी। महालक्ष्मी पूजन 8 नवंबर की शाम को होगा, जबकि गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को है।

मुख्य बातें

  • 5 नवंबर को रमा एकादशी और गौवत्स द्वादशी मनाई जाएगी।
  • 6 नवंबर को प्रदोष काल में धनतेरस पर खरीदारी होगी।
  • 7 नवंबर को सुबह 10.50 बजे तक त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती रहेगी।
  • 8 नवंबर की शाम को महालक्ष्मी पूजन होगा।
  • 10 नवंबर को अन्नकूट और गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी।
धर्म
दीपावली पंचांग: तिथियों के फेर से इस बार दो दिन मनेगी धनतेरस, 8 नवंबर को महालक्ष्मी पूजन; देखें पूरी तिथियों की लिस्ट

सनातन पंचांग के इस बार के गणित के मुताबिक कार्तिक मास के दीपोत्सव पर्वों की तिथियों में बदलाव देखने को मिल रहा है। तिथियों के घटने-बढ़ने और क्षय होने की स्थिति के चलते इस बार धनतेरस का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार 6 और 7 नवंबर को खरीदारी कर सकेंगे।

पंचांगीय गणना के अनुसार 5 नवंबर को रमा एकादशी और गौवत्स द्वादशी का पर्व मनाया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 6 नवंबर को प्रदोष काल में धनतेरस पर खरीदारी का महामुहूर्त रहेगा। जानकारों के मुताबिक त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10.50 बजे तक मान्य रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी। इस वजह से धन्वंतरि जयंती और धनतेरस का उल्लास दो अलग-अलग तिथियों पर बंटा रहेगा।

धनतेरस और धन्वंतरि जयंती के मुहूर्त

दीपोत्सव के पहले दिन यानी 6 नवंबर को धनत्रयोदशी का पर्व रहेगा। इस दिन सुबह 10.31 बजे द्वादशी तिथि समाप्त होगी और इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल से लेकर पूरी रात्रि तक व्याप्त रहेगी। इस मुख्य दिन पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की जयंती के साथ यमदीपदान और घरों में दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।

वहीं 7 नवंबर को सुबह 10.50 बजे तक त्रयोदशी रहने के कारण इसी दिन भी धन्वंतरि जयंती और खरीदारी के योग बनेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा के साथ-साथ साबुत धनिया खरीदने का भी विशेष विधान है। ऐसा माना जाता है कि माता लक्ष्मी के चरणों में धनिया अर्पित करने से घर में बरकत बनी रहती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।

नरक चतुर्दशी और दीपावली पूजन

पंचांग के अनुसार 8 नवंबर को सुबह 11.30 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। नरक चतुर्दशी ब्रह्म मुहूर्त का पर्व है, जिसमें पितरों के निमित्त उल्का दान और दीपश्राद्ध किए जाते हैं। प्रदोष काल और अमावस्या तिथि के संया संयोग के चलते महालक्ष्मी पूजन 8 नवंबर की शाम को ही संपन्न होगा। विभिन्न पंचांगों में समय को लेकर एक-दो घंटे का अंतर हो सकता है, इसलिए आचार्यों ने स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त तय करने की सलाह दी है।

दीपोत्सव के प्रमुख पर्वों की पूरी सूची

कार्तिक मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में कई प्रमुख पर्व आते हैं। इस बार दीपावली से जुड़े विभिन्न उत्सवों की तिथियां इस प्रकार रहेंगी:

  • 5 नवंबर (गुरुवार): रमा एकादशी और गौवत्स द्वादशी
  • 6 नवंबर (शुक्रवार): प्रदोष व्रत और धनतेरस
  • 7 नवंबर (शनिवार): धनतेरस तथा धन्वंतरि जयंती
  • 8 नवंबर (रविवार): प्रातःकाल नरक चतुर्दशी और सायं महालक्ष्मी पूजन
  • 10 नवंबर (मंगलवार): अन्नकूट और गोवर्धन पूजा
  • 11 नवंबर (बुधवार): भाई दूज
  • 14 नवंबर (शनिवार): सौभाग्य पंचमी और पांडव पंचमी
  • 15 नवंबर (रविवार): सूर्य छठ
  • 17 नवंबर (मंगलवार): गोपाष्टमी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इस बार धनतेरस दो दिन क्यों मनाई जा रही है?

पंचांगीय गणित और तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण इस बार धनतेरस दो दिन (6 और 7 नवंबर) मनाई जाएगी।

महालक्ष्मी पूजन यानी दीपावली किस दिन है?

महालक्ष्मी पूजन 8 नवंबर की शाम को प्रदोष काल और अमावस्या तिथि के संयोग पर होगा।

धनतेरस पर सोना-चांदी के अलावा क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

धनतेरस पर सोना, चांदी और बर्तनों के साथ साबुत धनिया खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है, जिसे मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है।

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट किस तारीख को है?

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व 10 नवंबर मंगलवार को मनाया जाएगा।