दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को रिलीज के महज तीन दिन बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने को लेकर विवाद हो गया  है। फिल्म 2 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन 5 जुलाई को इसे अचानक हटा दी गयी अब सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के तहत सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाया गया। बताया जा रहा है कि फिल्म को पहले 'पंजाब 95' नाम से 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा गया था, जहां बोर्ड ने 127 कट सुझाए थे। फिल्म निर्माताओं ने इन कट्स को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद फिल्म की रिलीज अटक गई। बाद में नाम बदलकर इसे चुपचाप ओटीटी पर रिलीज किया गया। चूंकि ओटीटी कंटेंट सीधे CBFC के दायरे में नहीं आता और आईटी नियम, 2021 के तहत संचालित होता है, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर ZEE5 को फिल्म हटाने के निर्देश दिए गए। फिल्म हटाए जाने के बाद निर्देशक अनुराग कश्यप ने इसका विरोध किया और  निर्देशक हनी त्रेहान की तुलना ईरानी फिल्ममेकर जाफर पनाही से की, जिन्हें अपने देश में फिल्मों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर लंबे समय तक सेंसरशिप और सरकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। वहीं दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म हटाई जा सकती है और उन्होंने दर्शकों से फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की। इसके बाद सोशल मीडिया और यूट्यूब पर फिल्म की पायरेसी तेजी से बढ़ गई। इस पर ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से पायरेसी का समर्थन नहीं करने की अपील की और कहा कि प्लेटफॉर्म फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।