Friday, 16 October 2026
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ग्लोबल मार्केट में 2027 तक रह सकती है डीजल की किल्लत, घटता स्टॉक और मिडिल ईस्ट का तनाव बना बड़ी वजह

संक्षेप में

इंटरनेशनल डीजल एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और घटते स्टोरेज टैंकों के चलते वैश्विक स्तर पर डीजल की किल्लत साल 2027 तक बनी रह सकती है, जिससे थोक और खुदरा कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

मुख्य बातें

  • 2027 तक वैश्विक बाजार में डीजल की किल्लत बनी रह सकती है
  • अमेरिका और यूरोप में डीजल की थोक कीमतें 220 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं
  • ईरान में संघर्ष के बाद खुदरा डीजल की कीमतों में लगभग 70% की तेजी आई है
देश विदेश
ग्लोबल मार्केट में 2027 तक रह सकती है डीजल की किल्लत, घटता स्टॉक और मिडिल ईस्ट का तनाव बना बड़ी वजह

इंटरनेशनल डीजल एजेंसी की ऑयल मार्केट रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2027 तक डीजल की किल्लत बनी रह सकती है क्योंकि जिस समय स्टॉक में बढ़ोतरी होनी चाहिए, उस अवधि में भी स्टोरेज टैंक खाली हो रहे हैं. मांग के मुकाबले आपूर्ति में आ रही इन बाधाओं की वजह से वैश्विक बाजार में संतुलन बिगड़ गया है.

पेरिस स्थित इस एजेंसी ने बताया कि साल के अंत तक रिफाइनरियां उत्पादन बढ़ा भी लें, तब भी सप्लाई में किसी बड़े सुधार की गुंजाइश बेहद कम है. मिडिल ईस्ट से रिफाइंड उत्पादों के एक्सपोर्ट में तेजी नहीं आने पर मार्केट में डिमांड-सप्लाई का यह गैप और बढ़ सकता है.

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थोक और खुदरा कीमतें

पिछले महीने अमेरिका और यूरोप के बाजारों में डीजल की थोक कीमतें 220 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को छू गईं. इसी तरह सिंगापुर में भी थोक भाव 200 डॉलर के आंकड़े को पार कर गए. कीमतों में हालिया नरमी के बावजूद मौजूदा दाम अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर से लगभग दोगुने बने हुए हैं.

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में अमेरिकी खुदरा बाजार में डीजल पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन के पार बिकता नजर आया. ईरान में तनातनी बढ़ने के बाद से वहां खुदरा डीजल के दामों में करीब 70 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है.

खाड़ी देशों में संघर्ष और सप्लाई चेन में रुकावट

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली आपूर्ति में बाधाओं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है. सऊदी अरब के साथ-साथ कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों में रिफाइनरियों तथा तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक डीजल आवक पर सीधा असर पड़ा है.

सामान्य तौर पर अगस्त से सितंबर के शुरुआती हफ्तों में दुनियाभर का डीजल स्टॉक तेजी से भरता है, लेकिन इस बार ट्रेंड इसके उलट रहा है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका और कई यूरोपीय देश अपने स्ट्रैटेजिक रिजर्व से तेल बाजार में झोंक रहे हैं, जिससे उनके अपने भंडार भी तेजी से कम हो रहे हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ग्लोबल मार्केट में डीजल की किल्लत कब तक बनी रह सकती है?

इंटरनेशनल डीजल एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक बाजार में डीजल की किल्लत साल 2027 तक बनी रहने की आशंका है क्योंकि मांग के मुकाबले आपूर्ति में लगातार रुकावटें आ रही हैं.

यूरोप और अमेरिका में डीजल की थोक कीमतें किस स्तर पर पहुंच गई हैं?

यूरोप और अमेरिका में डीजल की थोक कीमतें पिछले महीने 220 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई हैं, जबकि सिंगापुर में यह 200 डॉलर के पार चली गई हैं.

डीजल संकट गहराने की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका-ईरान संघर्ष, मिडिल ईस्ट में रिफाइनरियों और टैंकरों पर हमले तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई बाधित होने के कारण वैश्विक डीजल स्टॉक तेजी से घट रहा है.