सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और आभूषण खरीदारों को राहत मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 1,442 रुपये टूटकर 1.44 लाख रुपये पर पहुंच गया। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत में 4,408 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव घटकर 2.29 लाख रुपये रह गया। पिछले कुछ सप्ताह से कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन जून महीने में आई बड़ी गिरावट के बाद जुलाई की शुरुआत में भी बाजार दबाव में बना हुआ है।
बीते जून महीने में भी सोना करीब 15 हजार रुपये और चांदी लगभग 38 हजार रुपये तक सस्ती हुई थी। अगर इस साल के रिकॉर्ड स्तर की बात की जाये तो 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 1.76 लाख रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से अब तक सोना करीब 32 हजार रुपये तक टूट चुका है। इसी तरह चांदी भी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर 3.86 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद महज 159 दिनों में चांदी करीब 1.57 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता होने से निवेशकों का सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड और सिल्वर की ओर रुझान कम हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। हाल के महीनों में रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली भी की, जिससे कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गयी... वहीं गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में लगातार बिकवाली होने से भी बाजार कमजोर बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और डॉलर की चाल के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
