Wednesday, 21 October 2026
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हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की वायरल तस्वीरें: प्रतिनिधिमंडल के दावों पर उठे सवाल, विपक्ष का हमला

संक्षेप में

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की वायरल तस्वीरों के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विपक्ष ने पुरी के उन दावों पर सवाल उठाए हैं जिनमें उन्होंने केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की बात कही थी।

मुख्य बातें

  • हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरें वायरल होने से नया राजनीतिक विवाद शुरू हुआ है।
  • कांग्रेस और टीएमसी ने पुरी के दावों पर सवाल उठाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
  • अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के अनुसार पुरी ने 2015 से 2017 के बीच एपस्टीन से मुलाकात की थी।
देश विदेश
हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की वायरल तस्वीरें: प्रतिनिधिमंडल के दावों पर उठे सवाल, विपक्ष का हमला

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की कई तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से सवाल उठ खड़े हुए हैं। इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस और टीएमसी ने केंद्र सरकार को घेर लिया है। पुरी अब तक यह दावा करते रहे हैं कि उनकी एपस्टीन से मुलाकातें केवल एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में थीं और कभी अकेले में नहीं मिले।

विपक्ष के तीखे सवाल

तस्वीरें सामने आने के तुरंत बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाया कि जब पुरी यह कहते रहे हैं कि वे कभी अकेले नहीं मिले, तो इन वायरल तस्वीरों के क्या मायने हैं।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने तस्वीरों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुरी का यह कहना था कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, तो इन तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां नजर आ रहे हैं।

फरवरी में राहुल गांधी के आरोपों को नकारा था

इस साल फरवरी में लोकसभा के भीतर हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों के संदर्भ में लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया था।

उस दौरान पुरी ने स्पष्ट किया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन के संपर्क में आए थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर करार देते हुए कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं था।

इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन और मुलाकातें

फरवरी के एक इंटरव्यू में पुरी ने विस्तार से बताया था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के साथ गए थे, जिसके दौरान उनकी मुलाकात एपस्टीन से हुई थी। उन्होंने तर्क दिया था कि सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलना होता है, जिनमें से कुछ का आपराधिक इतिहास भी हो सकता है।

पुरी के मुताबिक, IPI में उनके तत्कालीन बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को अच्छी तरह जानते थे। पहली मुलाकात के दौरान उन्हें एपस्टीन की पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने गूगल पर सर्च किया और फिर साथियों के साथ चर्चा की थी कि ऐसे व्यक्ति से मिलना चाहिए या नहीं।

नवंबर 2025 में खुलासे और ईमेल का जिक्र

पुरी और एपस्टीन के बीच संपर्क का यह मामला सबसे पहले नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आया था, जब अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति द्वारा जारी एक ईमेल में दोनों के बीच बातचीत का खुलासा हुआ था।

इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं, जिनसे पता चलता है कि पुरी ने 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क स्थित एपस्टीन के आवास का दौरा किया था।

आपराधिक रिकॉर्ड और 'एक्जॉटिक आइलैंड' का जिक्र

जेफ्री एपस्टीन को साल 2008 में ही एक नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी द्वारा बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से सार्वजनिक था।

सामने आए दस्तावेजों में एक ईमेल का भी जिक्र है जिसमें पुरी ने एपस्टीन के एक निजी द्वीप का उल्लेख करते हुए 'हैव फन' यानी मौज करो लिखा था। इस पर सफाई देते हुए पुरी ने बाद में कहा था कि यह उनके बात करने का एक सामान्य और अनौपचारिक तरीका भर था। एपस्टीन को 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के नए मामलों में फिर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसने मुकदमे की सुनवाई से पहले जेल में ही आत्महत्या कर ली थी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरें क्यों चर्चा में हैं?

हरदीप सिंह पुरी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरें वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि मंत्री ने पहले केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की बात कही थी, जबकि विपक्ष इन तस्वीरों को लेकर तीखे सवाल उठा रहा है।

जेफ्री एपस्टीन कौन था?

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का एक करोड़पति फाइनेंसर था जिसे 2008 में नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया गया था। 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों के बीच जेल में उसकी मौत हो गई थी।

हरदीप सिंह पुरी ने एपस्टीन से मुलाकातों पर क्या सफाई दी है?

पुरी ने स्पष्ट किया है कि वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) के एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में 2014 से 2017 के बीच एपस्टीन से मिले थे, और उस वक्त उन्हें एपस्टीन के आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी नहीं थी।

कांग्रेस और टीएमसी की इस मामले में क्या प्रतिक्रिया है?

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया के जरिए हरदीप सिंह पुरी से सवाल किया है कि यदि वे केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले थे, तो इन तस्वीरों में बाकी सदस्य क्यों नजर नहीं आ रहे हैं।