प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा, रणनीतिक सहयोग, प्रौद्योगिकी और व्यापार से जुड़े कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। सबसे महत्वपूर्ण समझौता भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लेकर हुआ। करीब चार महीने से जारी बातचीत के बाद इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट खरीदने का फैसला किया है। इसके साथ ही फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। इसके अलावा इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता साबित कर चुकी भारत की स्वदेशी अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी निर्णय लिया गया है। रक्षा क्षेत्र में हुए इन समझौतों को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक ताकत और रक्षा निर्यात के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वही रक्षा सहयोग के अलावा दोनों देशों ने तकनीकी और लोकतांत्रिक सहयोग को भी मजबूत करने पर सहमति जताई गयी है। भारत इंडोनेशिया को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में तकनीकी सहायता देगा, जिससे वहां की चुनावी व्यवस्था को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दूसरे दिन इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे और बुधवार को 1000 वर्ष से अधिक पुराने विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का दौरा करेंगे। यह यात्रा रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाने की उम्मीद है।
