राजधानी जयपुर में जमीन खरीदना जल्द ही और महंगा होने वाला  है। जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में आयोजित जिला दर निर्धारण समिति (डीएलसी) की बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की डीएलसी दरों में संशोधन के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। प्रस्ताव के मुताबिक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डीएलसी दरों में 5% से लेकर 49% तक और ग्रामीण इलाकों में बाजार मूल्य के अनुरूप अधिकतम 35% तक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। कुछ क्षेत्रों में दरें घटाने के प्रस्ताव भी समिति के सामने रखे गए हैं। डीएलसी यानी डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी दर वह न्यूनतम सरकारी मूल्य होता है, जिसके आधार पर किसी जमीन या भवन की रजिस्ट्री की जाती है और इससे कम कीमत पर रजिस्ट्री संभव नहीं हो पाती नई दरें लागू होने के बाद संपत्ति खरीदने वालों को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है  साथ ही रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क भी बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की स्थिति में दिए जाने वाले मुआवजे पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार 1 अप्रैल 2026 से पूरे राजस्थान में डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी पहले ही कर चुकी है। इसके बाद वित्त विभाग ने सभी जिलों को स्थानीय बाजार दरों के अनुसार दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। बैठक में यह भी तय किया गया कि 50 प्रतिशत से कम बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव सात दिन के भीतर लागू किए जा सकेंगे, जबकि 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि और दरों में कमी से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार करेगी। बैठक को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो रही है  क्योंकि शहर के किसी भी विधायक की मौजूदगी नहीं रही। भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने जनप्रतिनिधियों की राय को महत्व नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए बैठक में शामिल नहीं होने की बात कही, जबकि कांग्रेस विधायक रफीक खान ने बैठक की जानकारी नहीं मिलने और पारिवारिक व्यस्तता का हवाला दिया। प्रशासन के अनुसार सभी विधायकों को बैठक की सूचना और प्रस्तावों की जानकारी पहले ही दे दी गई थी।