Monday, 26 October 2026
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जालोर को अकाल प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग: कलेक्ट्रेट पर किसानों का प्रदर्शन, कलेक्टर ने लिया ज्ञापन

संक्षेप में

जालोर जिले में बारिश की कमी से फसलों के नुकसान और अकाल जैसे हालातों के चलते किसानों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिले को अकाल प्रभावित घोषित करने, शीघ्र गिरदावरी कराने, चारा डिपो खोलने और रुका हुआ मुआवजा देने की मांग की।

मुख्य बातें

  • जालोर में बारिश की कमी से फसलें सूखने के बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
  • किसानों ने जिले को अकाल प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की।
  • फसल कटाई प्रयोग के दौरान किसान प्रतिनिधियों को मौजूद रखने की मांग उठाई गई।
  • जिला कलेक्टर ने खुद कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर आकर किसानों से ज्ञापन लिया।
भरतपुर संभाग
जालोर को अकाल प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग: कलेक्ट्रेट पर किसानों का प्रदर्शन, कलेक्टर ने लिया ज्ञापन

बारिश की कमी से फसलों को हुए नुकसान के बाद जालोर जिले में बने हालातों को लेकर किसानों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में निकाली गई रैली जिला कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंची, जहां किसानों ने फसलों की शीघ्र गिरदावरी कराने और जिले को अकाल घोषित करने की मांग उठाई।

पर्याप्त मानसूनी बारिश नहीं होने की वजह से जिले के कई गांवों में फसलें सूख चुकी हैं। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फसल कटाई प्रयोग जल्द से जल्द कराए जाएं और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसान प्रतिनिधियों को भी मौजूद रखा जाए, ताकि नुकसान का सटीक आकलन हो सके और समय पर बीमा क्लेम मिल सके।

पेयजल और चारे की मांग

अकाल के हालात के बीच पशुओं के लिए चारे और पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। किसानों ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत चारा डिपो खोलने और मवेशियों के लिए पानी के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।

ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट से निपटने के लिए नर्मदा परियोजना से नियमित जलापूर्ति और गांवों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अटकी पड़ी राशि को भी जल्द से जल्द किसानों के खातों में ट्रांसफर करने की मांग उठाई गई।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कुछ देर तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को एडीएम या अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के लिए कहा, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे कि कलेक्टर खुद बाहर आकर ज्ञापन लें।

स्थिति को भांपते हुए जिला कलेक्टर ने खुद कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन लिया और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जालोर में किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन क्यों किया?

बारिश की कमी से फसलों को हुए नुकसान और अकाल जैसे हालात के बाद जालोर जिले को अकाल प्रभावित घोषित करने की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया।

किसानों ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से क्या मांगें रखीं?

किसानों ने खराब फसलों की शीघ्र गिरदावरी, फसल बीमा राशि और कृषि आदान-अनुदान जारी करने, प्रभावित क्षेत्रों में चारा डिपो खोलने और नर्मदा परियोजना से नियमित जलापूर्ति की मांग की।

ज्ञापन किसने और कहाँ लिया?

किसानों की जिद के बाद जिला कलेक्टर खुद कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन लिया।